अकबर का हैप्पी न्यू ईयर
अकबर का हैप्पी न्यू ईयर
आलोक पुराणिक
न्यू ईयर पर उठकर हमें सबसे पहले अपने परिवार वालों से हैप्पी न्यू ईयर बोलना चाहिए। फिर औरों से-मैं हैप्पी न्यू ईयर के एक दिन पहले क्लास में हैप्पी न्यू ईयर के शिष्टाचार के बारे में बता रहा हूं।
न्यू ईयर का इतिहास क्या है, क्या यह अकबर के जमाने में, सिकंदर के जमाने भी बोला जाता था-छात्र पूछ रहा है।
बेटे, उस दौर में परिवार वाले वैसे ही हैप्पी रहते थे, इसके लिए उन्हे अलग से बोलना नहीं पड़ता था। मतलब जैसे सिकंदर तमाम देश जीतने निकलता था, तो बरसों घऱ से बाहर रहता था। मिसेज सिकंदर चैन से रहती होंगी। जो हजबैंड दिन भर घर पर रहते हैं, उनकी पत्नियां कतई हैप्पी नहीं रहतीं। अभी चाय मांगेगे। अभी कहेंगे कि ये कर दो, वो कर दो। सिकंदर इस किस्म के कष्ट अपनी पत्नी को नहीं देता था, लंबी यात्राओं पर निकलकर। सो मिसेज सिकंदर वैसे ही हैप्पी रहती थीं। मिसेज अकबर भी हैप्पी रहती थीं,अकबर अभी गुजरात के दौरे पर हैं। अभी साऊथ की तरफ निकले हुए हैं, तो बेटे जिस फैमिली के पापा लोग टूर पर रहते हैं, फैमिली वैसे ही हैप्पी रहती है। इसलिए उन्हे अलग से हैप्पी न्यू ईयर नहीं बोलना पड़ता, बस ईयर दर ईयर बाहर रहो, सब हैप्पी हो लेंगे-मैंने छात्र को विस्तार से हैप्पी न्यू ईयर का ऐतिहासिक संदर्भ समझाने की कोशिश की।
मतलब जब वाईफ हजबैंड को हैप्पी न्यू ईयर कहे, तो इसका मतलब माना जाना चाहिए कि तुम्हारे बावजूद हम हैप्पी हैं-छात्र ने आगे समझने की कोशिश की।
बच्चे भी उसी पापा से प्रसन्न रहते हैं, जो अकबर की तरह खुद को साऊथ में रहें और सलीम को अनारकली कांड करने दें। मतलब साऊथ से रकम वगैरह भिजवाते रहो, खुद आने की जरुरत क्या है। यहां बच्चे सीरियस काम में बिजी हैं। मतलब घऱ पर ज्यादा रहने वाले पापा बच्चों को भी नहीं पसंद नहीं आते। जिन केसों में पापा घऱ में ज्यादा रहे,वहां अनारकली फेम के मामले नहीं हो पाये। जैसे देखो बहादुर शाह जफर ने लगभग पूरी जिंदगी लाल किले में ही गुजार दी, उनकी अगली पीढ़ी में एक भी धांसू लव केस नहीं बना-मैंने और आगे समझाने की कोशिश की।
ओके समझ गया सर, मैं न्यू ईयर पर पापा से कहूंगा कि पापा इस साल कहीं लंबे टाइम के लिए फूटना हम तब ईयर भर हैप्पी हो पायेंगे।
मैं आश्वस्त हूं बच्चा एकदम सही समझ गया है
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भैया यह सटायर है, या सीरियस लेख। मैं कनफ्यूज़ में हो गया हूं। इत्ती सच बात लिखी है कि कैसे डिस-एग्री करें?
आप क्या चाहते हैं अब जब बच्चे बाहर रहते हैं, मैं भी अपना दफ्तर घर से बाहर ले जाऊं? श्रीमती जी वहाँ पहुँच भी जाएंगी।
aapako happy new year ..kaha jaa rahe hai ..hamko bhi sath le le ..
आपकी फैमिली साल भर हैप्पी रहे.
साफ साफ ही तो कुछ नही कहते ये मानूस…..सब कुछ आप पर छोड़ देते हैं।
नया साल मुबारक हो बंधु। ब्लागर मीट नहीं, पारिवारिक मिलन हो जाए वैशाली में (?)
सई है जी।
नए साल में आप और भी अधिक ऊर्जा और कल्पनाशीलता के साथ ब्लॉगलेखन में जुटें, शुभकामनाएँ.
http://www.tooteehueebikhreehuee.blogspot.com
ramrotiaaloo@gmail.com
नया वर्ष आप सब के लिए शुभ और मंगलमय हो।
महावीर शर्मा
नया वर्ष आपके लिए शुभ और मंगलमय हो।
[...] मुद्रा में… आगे हिसाब नहीं आता, आलोक पुराणिकजी मदद [...]
आलोक भाई,
ऎतिहासिक संदर्भॊ को लेकर,हॆप्पी न्यू ईयर के बहाने,आधुनिक परिवारों की पोल खोलकर रख दी.वॆसे आपके मन में भी कभी भाभीजी व बच्चों को ’हॆप्पी’ रखने का ख्याल नहीं आता? इतने स्वार्थी तो न बनो मेरे भाई.खॆर-
’दाल-रोटी’मंहगी हुई,सस्ती विस्की, रम ऒर बियर
आप भी कहो, हम भी कहें हॆप्पी न्यू ईयर.’
nai saal mubarak