चोर आये और दूध पी गये


दूध के भाव बढ़ गये है, डेरी भले ही मदर के नाम की है, पर वहां के भाव सुनकर ग्रांडफादर याद आ रहे हैं। दूध के भाव बढ़ कर जहां पहुंच रहे हैं, वहां पर उनके पहुंचने से आने वाले दिनों में चोरी की खबरें बदल जायेंगी। आने वाले दिनों में चोरी, डाके की कुछ खबरें इस तरह से होंगी।

आनंद विहार इलाके में चिर परिचित अंदाज में पुराने चोर नये मकान में घुसे और मकान में घुस कर उन्होने दूध को कब्जे में ले लिया। शोर मचाने के बावजूद चोर सारा दूध पीकर ही गये। चोरों ने सोने चांदी और दूसरे आइटमों को हाथ भी नहीं लगाया। ऐसा लगता है कि वह पहले से प्लानिंग करके दूध को ही निशाना बनाने के लिए आये थे। स्थानीय पुलिस ने साफ कर दिया है कि वह सोने चांदी की सुरक्षा तो कर सकती है, पर दूध के मामले में नागरिकों को खुद ही जागरुक रहना होगा। पब्लिक को यूं करना चाहिए कि डेरी से दूध लेने के बाद उसे सीधे बैंकों के लाकर में जमा कर दे। खबरें हैं कि बैंकों ने दूध को लाकर में रखने के भाव बढ़ा दिये हैं, क्योंकि कई ग्राहक एक बार दूध रखने के बाद कई सालों तक निकालने नहीं आते। पूरे इलाके में सड़े दूध की बदबू फैल जाती है।

प्रीत विहार इलाके में हुई राहजनी में सरेआम राहजन एक गृहिणी से दूध की तीन थैलियां छीन कर चले गये। गृहिणी ने दूध के बदले अपने जेवर देने की पेशकश की, तो चोरों ने कहा कि वह सिर्फ दूध की लूट करते हैं।

कुछ महीने पहले चीनी अठारह रुपये किलो बिक रही थी अब होलसेल में ही चीनी छत्तीस रुपये किलो बिक रही है। कुछ दिनों बाद इस तरह की खबरें आ सकती हैं-

पीतमपुरा में दो परिवारों में चीनी को लेकर तनानती हो गयी है। सूत्रों के मुताबिक दोनों परिवारों के बच्चों की शादी के लिए तय मात्रा में सोना देने की बात तय हुई थी। बाद में लड़के वालों ने कहा कि सोना नहीं, हमें उसके बदले चीनी दी जाये। लड़की वालों ने इस पर एतराज जताते हुए कहा कि इस तरह से सोने की जगह चीनी नहीं लायी जा सकती।

मूंग की दाल नब्बे रुपये किलो और अरहर की दाल 68 रुपये किलो चल रही है।

इनके भाव सुनकर हार्ट फेल होने की नौबत सी आ गयी है, जल्दी ही दालों के भाव बताने का अंदाज भी बदलने वाला है। दस रुपये की अरहर बीस रुपये के मूंग के भाव होने वाले हैं। पर किलो के हिसाब के नहीं, दस रुपये में अरहर का एक दाना और बीस रुपये में मूंग का एक दाना दिखाया जायेगा, खरीदने के लिए तो बैंक गारंटी पेश करनी पड़ेगी, होम डिलीवरी की जायेगी,पुलिस प्रोटेक्शन के साथ। कोई शरीफ ग्राहक एकाध किलो मूंग लेकर यूं ही निकल गया, तो राहजनी हो लेगी।

चलूं,आज रात भर जागना है, क्योंकि चोरी का खतरा है, कल रात सौ ग्राम दूध बच गया है ना।

5 Responses to “चोर आये और दूध पी गये”

  1. महंगाई का जो आलम है आने वाले समय में यह भी सुनने को मिलेगा की 10 लीटर पेट्रोल के साथ एक बाईक फ्री….

  2. pani bachao, petrol bachao, doodh bachao……………………………………….

  3. दूध बेचने वालों को जेड सिक्यूरीटी मुहैया करवाई जाये. :)

  4. घोर कलजुग है ।

    अब सब चीजों के वास्‍ते एटीएम टाइप की व्‍यवस्‍था करनी पडेगी ।

  5. it is good signal if milk price raise more than 30 percent so we can generate more revenue. it will help to reduce poverty. not only milk every commoditiy item shold be high like international standard.

Leave a Reply