फाइल में बम


संथानमजी कह रहे हैं कि हमारे परमाणु बम में दम नहीं है।

सरकार कह रही है कि संथानमजी की बात में दम नहीं है।

कुछ एक्सपर्ट कह रहे हैं कि संथानमजी भी सही हैं और सरकार भी।

पब्लिक समझ नहीं पा रही है कि किसकी बात को दमदार माना जाये।

विशुद्ध सरकारी स्टाइल में बम की इनक्वायरी कुछ यूं होगी-

सचिव अतिरिक्त सचिव से कहेंगे-जरा स्टाक देखकर पुछवाइए कि हमारे पास बम हैं या नहीं।

अतिरिक्त सचिव डिप्टी सचिव से कहेंगे-जरा स्टाक देखकर बताइए कि हमारे पास बम हैं या नहीं।

डिप्टी सचिव डाइरेक्टर से, डाइरेक्टर एडीशनल डाइरेक्टर से, एडीशनल डाइरेक्टर बड़े बाबूजी से, बड़े बाबूजी छोटे बाबूजी से यही पूछेंगे।

आखिरी में छोटे बाबूजी बतायेंगे जी बाकायदा बम हैं,फाइलों में कई सारे रखे हुए हैं। जितने बमों के आर्डर पास हुए थे, वो सारे के सारे फाइलों में रखे हैं।

या यूं भी हो सकता है कि विदेश मंत्रालय वाले कहें कि जी हमारे स्टाक में नहीं, ये तो डिफेंस मिनिस्ट्री के गोदाम में होंगे। डिफेंस वाले कह सकते हैं कि जी ये हमारा मामला नहीं है, ये सीधे प्रधानमंत्री दफ्तर के गोदाम का मामला है। प्रधानमंत्री गोदाम से पता चले कि बम आये थे, तो पर पता नहीं कहां चले गये।

बड़े बाबू कहेंगे- जी रखने रखाने की जिम्मेदारी दफ्तरी की होती है।

दफ्तरी कहेंगे कि रखने रखाने का काम तो चपरासी करता है।

चपरासी बतायेगा कि हम तो उस दिन छुट्टी पर थे, हमें क्या पता कि बम कहां हैं।

चपरासी छुट्टी पर थे, तो बताइए बमों का पता कैसे लगाया जा सकता है।

या यह बयान भी हो सकता है कि बम कीमती आइटम हैं, स्विस बैंकों में जमा कर दिये हैं। स्विस बैंक वाले अब इनके बारे में जानकारी देने से इनकार कर रहे हैं।

बयान चलते रहेंगे। फाइलें चलती रहेंगी, बम पता नहीं कहां रुक जायेंगे।

सरकारी हिसाब साफ है, फाइलों में सब कुछ होता है।

मेरा डर यह है कि कहीं टैंक, राकेट,मिसाइल सब कुछ ही फाइलों में ना हो।

गणतंत्र दिवस की परेड में जितने की जरुरत है, उतने भर रख लो, बाकी तो फिर फाइलों में रखे जायेंगे। जब जरुरत होगी, तब बता दिया करेंगे।

एक बार हुआ था मेरे मुहल्ले में। सड़क फाइलों में ही बन गयी थी और फिर फाइलों में ही खत्म हो गयी थी। मेरे शहर में पांच नहरें, एक स्टेडियम और तीन स्कूल फाइलों में हैं। काश सारी चीजों का फाइलीकरण हो जाता। लड़ाई, झगड़े, युद्ध सब कुछ फाइलों में ही होते।

आइये, दुआ मांगे कि मारकाट, झगड़े सब कुछ फाइलों में ही हों।

5 Responses to “फाइल में बम”

  1. अल्लाह करें कादिर खान ने भी बेचे हों बम के फाइलीय ब्लू प्रिण्ट! :-)

  2. is bar bhi aapne bam fod diya……………..kamal hai

    http://rajdarbaar.blogspot.com/

  3. it is excellent idea and we can save more money from defense only process document so our chuha nebhour will more expense his defense. then we can more improve our education health business infrasturcture. so we can defeat to poverty .

  4. कोई बात नहीं चिंता मत करिये, जब युद्ध होगा को फाइले फेंक के ही मार देंगे दुश्मनों को चोट से मरे तो मरे नहीं तो दबकर तो मरेंगे ही, जय हो फाइल बम की

  5. file bom etne khatarnak hain, ………..
    kahin ungali chimat jaye.

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