कुछ गिफ्टात्मक आईडिये
हाल में दीवाली पर इस खाकसार ने जो गिफ्ट झेले हैं, उन पर कुछ गिफ्टात्मक आइडिये इस प्रकार हैं-
1- गिफ्ट में जो कप, जार, ग्लास मिले हैं, उन्हे लेकर एक हंड्रेड परसेंट गिफ्ट शाप खोल दीजिये। इन्हे मुफ्त में भी लेने को कोई तैयार न होगा। एक बात समझ नहीं आती कि लोगों की समझ में यह क्यों नहीं आती जिसके घऱ जा रहे हैं, उसके घर में कप, ग्लास और जार जरुरत भर के क्यों ना होंगे। कप, ग्लास गिफ्ट में देने का मतलब है कि देने वाला इस शक में गिरफ्तार है कि अगले के पास या तो कप, ग्लास हैं नहीं, और अगर हैं भी तो हमारे देने के बाद फौरन से टूट जायेंगे। इस गलतफहमी आप गिरफ्तार मत होईये, और सामने वाले की समझ को इतना तो सम्मान दीजिये कि कप, ग्लास भर के जुगाड़मेंट में वह आत्मनिर्भर है।
2- मावे कि मिठाई को इस दीवाली पर बम की तरह ट्रीट कीजिये। टीवी चैनलों ने इतना नकली मावा दिखाया है कि मावे की मिठाई का डिब्बा अब डिब्बाबम दिखने लगा है। मावा मिठाई कहीं आगे सरकायी आपने तो आपके मित्र आपसे कह सकते हैं कि हम तो जी आपको अपना मित्र मानते थे और आप मावे की मिठाई लेकर आ गये। कुछ नयी कहावत इस प्रकार बन सकती है –उधार नहीं, मावे कि मिठाई प्रेम की कैंची है।
3- दुनिया गोल है, यह आपको इन दिनों समझ में आ गया होगा। गुप्ताजी को जो गिफ्ट पैक आपने शर्माजी को सरकाया था, वह वर्माजी और सक्सेनाजी के यहां से होता हुआ आपके यहां आ गया। बीच के लोग इतने आलसी निकले कि गिफ्ट पैक खोलने तक की जहमत ना उठायी, रैपर जो आपने लगाकर भेजा था, वही वापस आ गया है। इस बात को समझिये और समझ जाइए कि दुनिया गोल है, जहां से शुरुआत होती है, वहीं पर अंत हो जाता है। यह विज्ञान का नहीं, गिफ्टबाजी का भी सिद्धांत है।
4- कप ग्लास के बोरिंग आइडिये से हटकर आप कुछ दैनिक उपयोगी आइटम गिफ्ट कीजिये। जैसे पांच किलो आलू या दस किलो टमाटर ले गये गिफ्ट पैक कराकर। जिस घऱ में आप यह देंगे, वहां की गृहिणी आपकी इंटेलीजेंस की तारीफ जरुर करेगी। थोड़ा ज्यादा स्थायी भाव के गिफ्ट देने हों, तो आलू टमाटर की जगह बनियान, मोजे टाइप कुछ गिफ्ट करें। ये आइटम अगर मावे की तरह की नकली भी निकल गये, तो कम से कम गिफ्ट लेने वाले की सेहत को तो नुकसान नहीं ना पहुंचेगा।
5- या फिर सीधे कैश थमा दीजिये, घऱ में घुसे और सामने वाले के हाथ में सौ का या पांच सौ का नोट रख दिया। जो इच्छा हो सो कर ले भाई। हम क्यों पाप लें, तुझे मावे की मिठाई से मारने का।
6- ये सारे आइडिये गुप्त रखिये, किसी को बताइये मत। वरना हो सकता है कि आप जहां आलू गिफ्ट करने जायें, वो भी बदले में आलू वापस कर दे। दीवाली न हुई, आलू एक्सचेंज हो गया। इस स्थिति से बचने के लिये ये महान विचार सिर्फ और सिर्फ अपने तक ही सीमित रखें।
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aalok ji ko namaskar
sachmuch aapke ideye me dam hain mazaa aa gaya hum to gift ke baare me kya karna hain yah soch hi rahe they
एक किलो अरहर की दाल कैसी रहेगी?
घुघूती बासूती
good idea!
बहुत सुन्दर विचार खासतौर पर गिफ्ट शाप वाला. आजमाने को सोच रहा हूँ
अगर सामने वाले बन्दे ने कह दिया कि अपने लिए (कप, ग्लास और जार की तरह) टमाटर और आलू खरीदने का माद्दा भी है हम में, तो उपहार में घूम फिर कर आए टमाटरों और आलू (दुनिया गोल है न ) का उपहार कूड़ेदान को ही मिलेगा| अनपैक करते समय फैली बदबू हमारे हिस्से जरूर आ जाएगी| इसलिए इस वायवी उपहार योजना से औपचारिक आदान - प्रदान न करने की सीख लेते लेते `अरहर दाल’ के आयडिया पर अभी विचार चल रहा है ….
वाह वाह! आप हमें दस किलो आलू गिफ्टें, हम आपको कछार की दस लौकी देंगे!
bahut umda ideas hain , agli diwali par dhyan rakhenge .dhanyawaad.
alokji bahut badiya ideas hai yaad rakhenge.thoda bazar par nazar rakhate hue margdarshan karte rahiye naya saal bhi aane ko hai .dhanyavadji.