Posted on September 27th, 2009 by alok
जो बड़े शानदार अपार्टमेंट दिख रहे हैं, पचास लाख से ऊपर की कीमत वाले,उनके लिए ग्राहक तलाशना मुश्किल हो रहा है। पर छोटे मकानों के लिए डिमांड ज्यादा है, सप्लाई कम है। इसकी वजह यह है कि छोटे होम लोन का बाजार स्टेट बैंक ने एकदम बदल दिया है। आठ प्रतिशत की दर पर [...]
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Posted on September 26th, 2009 by alok
दिल कांप जाता है यह सोचकर कि जो इवेंट बहुत पहले घट चुके हैं, वो अगर अब घटते तो कितनी फजीहत होती। जिस दौर में राखी सावंत के स्वयंवर की ब्रेकिंग न्यूज बनती हैं, उस दौर में अगर सच्ची के राजकुमार किसी स्वयंवर में हिस्सा लेते तो क्या होता।
मुझे बहुत डेंजरस से [...]
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Posted on September 24th, 2009 by alok
क्या वक्त था,अच्छे स्कूलों, गुरुकुलों के आचार्य खुद आगे होकर बच्चों को मांग कर लाते थे, एडमीशन के लिए। राजा दशरथ से मुनि राम और लक्ष्मण को मांग कर ले गये थे। भले दिन थे वो, अब के से नहीं। अब राजा दशरथ बालकों को लेकर किसी कायदे के स्कूल में जाते, तो संवाद [...]
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Posted on September 22nd, 2009 by alok
पंकज आडवाणीजी विश्व के बिलियर्ड्स चैंपियन हो लिये, इस खबर से उस आरोप को बहुत बल मिला कि भारत का बहुत सा पैसा स्विस बैंकों में जमा है। और स्विस खातों के मामले में भारत बिलियर्ड्स की तरह ही आगे है। काहे से कि बचपन से ही फिल्मों में हमने देखा कि स्मगलर टाइप, [...]
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Posted on September 20th, 2009 by alok
वैधानिक चेतावनी-यह व्यंग्य नहीं है
सितंबर के महीने में कुछ खास बात है।
कुछ खास बात इन दिनों की सुबह में।
सर्दी जैसे अंखुवा रही हो।
एकदम नवजात के माफिक।
सितंबर इसलिए अच्छा लगता है कि इसमें कल्पना करते हैं आने वाले नवंबर और दिसंबर कैसी सुखद सर्दियों के होंगे।
सर्दियां सुखद हों या ना हों, कल्पना सुखद [...]
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