स्विस और बैंक

यह निबंध उस छात्र की डायरी से लिया गया है, जिसने निबंध प्रतियोगिता में टाप किया है। निबंध प्रतियोगिता का विषय था-स्विस बैंक।
जैसा कि हम सभी नहीं जानते हैं कि स्विस में बैंकों में बहुत महत्व है। जैसे पुराने चंबल का नाम लेते ही डाकुओं की याद आती है, वैसे ही अब [...]

हाथी विमर्श

हाथी इकठ्ठे थे वहां, तरह तरह के।
काले हाथी, सफेद हाथी, छोटे हाथी, जंगल के हाथी, चिड़ियाघर के हाथी।
एक सीनियर हाथी बोला-सुना आपने, जिस पार्टी का निशान हाथी है, उसने हाथी की मूर्तियां बनवाने पर यह एक्सप्लेनेशन दिया है कि यह उसकी पार्टी का निशान नहीं है, बल्कि यह तो यूं ही पाया [...]

चांद का डिसइनवेस्टमेंट

लो जी, चांद पर इंसानों को गये हुए चालीस साल हो लिये।
चांद अपनी जगह पर बना हुआ है, इसीलिए कि वहां इंसान नहीं हैं। वरना चांद के हाल दूसरे होते। जहां जहां इंसानों के पैर फुलमफुल पड़ लिये हैं, वहां का भगवान भी मालिक नहीं है।
चांद पर अगर पाकिस्तानियों का [...]

पान खाने के फायदे

यह निबंध उस छात्र की कापी से उड़ाया गया है, जिसे निबंध प्रतियोगिता में पहला स्थान मिला है। निबंध का विषय था-पान की शान।
पान खाने के तमाम फायदों में एक बड़ा फायदा यह है कि अच्छा खासा चिरकुट भी अकलमंद लगने लगता है।
कैसे, ऐसे कि पान खाने के बाद कुछ [...]

मेट्रो का ब्लूलाइनीकरण

एक शायर ने एक मस्जिद की वीरानी देखकर लिखा था-
दिल खुश हुआ है, मस्जिदें वीरां को देखकर
मेरी तरह खुदा का भी खाना खऱाब है।
हम अलग फितरत के लोग हैं, सब अच्छा हो,तो तबीयत खराब सी होने लगती है। खराब खेल होने लगे, तो लगता है कि हां, अब नार्मल हो [...]