संडे सीरियस-महाहास्य

यह व्यंग्य नहीं है
आज सिर्फ और सिर्फ मौन है, महान हास्यकार गृहमंत्री शिवराज पाटिलजी के सम्मान में।
पहले आतंकवाद के मुकाबले कि लिए जो वह बोलते थे, उससे हास्य पैदा होता था।
फिर वह हास्यास्पद हुए।
और अब तो शर्मनाक हो गये हैं।
सारे हास्यकारों को उनके धंधे से बाहर करने में लगे, पाटिलजी के सम्मान में आज कुछ [...]

पुजारी बनाम मसीहा

दिल्ली में पुजारीजी रिटायर हो लिये हैं। मतलब लगभग रिटायर हो लिये हैं।
मसीहाजी आने की तैयारी में हैं।
विजय मल्होत्राजी के चुनावी इश्तिहारों में उन्हे मसीहा बताया जा रहा है।
खुद को दिल्ली का पुजारी बताने वाले मदन लाल खुरानाजी तो अब इत्ती फुरसत में है कि कई घंटे सच्ची की पूजा पाठ ही करते रह [...]

पिछोरनी में चंद्रयान

चुनाव प्रचार से लौटा एक कैंडीडेट किलस रहा था –यो आईएनएस ताबर ने भी अभी ही सोमालिया के डकैतों को मार भगाणा था। म्हारी कंस्टूटेंसी में तो बवाल हो लिया।
क्या मार भगाये गये सोमालिया के समुद्री डकैत आपके चुनाव मैनेजर टाइप कुछ होने वाले थे। यूं चाइस तो अच्छी थी, पर क्या करें। हो जाता [...]

जूतों का कैरेक्टर

इधर इलेक्शन कैंपेन का माडर्नाइजेशन हो लिया है। जूतों की, मोबाइल की मार्केटिंग के प्रोफेशनलों को नेता मार्केटिंग के काम में लगा दिया गया है। बहुत धांसू च फांसू सीन दिख रहे हैं। अभी कल एक फोन आया,उसमें संवाद कुछ यू हुआ-
जी मैं फलां नेताजी के दफ्तर से बोल रही हूं। देखिये, हमारे पास एक [...]

ऊंट में मुंह में काजू

अब तक जो लोग मल्लिका सहरावत या राखी सावंतजी की अंगड़ाईयों पर फोकस करते थे(हम सिर्फ टीवी चैनलों की बात नहीं ना कर रहे हैं), अब वो भी ऊंट की करवट पर चिंतित हो उठे हैं।
मल्लिकाजी से ऊंट पर आ लिया है सौंदर्यबोध, थैंक्स टू चुनाव।
मैंने सोचा कि सीधे ऊंट से बात कर ली जाये। [...]