ऊंट से बातचीत

अब जबकि यह साफ हो चुका है कि ऊंट किस करवट बैठा है, मैं उस इंटरव्यू को पेश कर देता हूं, जो कुछ समय पहले मैंने ऊंट से लिया था। ऊंट से यही जानने की कोशिश की गयी थी कि आखिर ऊंट किस करवट बैठेगा।
सवाल-देखिये बहुत [...]

अंतरात्मा की हुआं- हुआं

विश्वास के मत पर विकट अविश्वास के सीन हो लिये।
इस पार्टी वाले उधर वालों को वोट दे आये, उधर वाले इधर के हो लिये। कुछ गायब हो गये, कुछ का शुगर लेवल बढ़ गया, बढ़ी शुगर के बावजूद कड़वाहट इतनी रही कि [...]

विद चक्कू, थोड़ा लोकतांत्रिक हो जायें

यह निबंध उस छात्र की कापी से उडाया गया है, जिसने एमए हिंदी के निबंध के परचे में टाप किया है। निबंध का शीर्षक था-लोकतंत्र।
लोकतंत्र जैसा कि सब जानते हैं, चुनने की सुविधा देता है। चुनाव इस [...]

हाय रे, भोले छलिया

यह निबंध उस छात्र की कापीबदल के जरिये हासिल किया गया है, जिसे निबंध प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल हुआ था। निबंध का विषय था-विश्वास मत।
विश्वास मत जैसा कि सभी जानते [...]

संडे यूं ही-तीस सेकंड में गहन विचार

वैधानिक चेतावनी-यह व्यंग्य नहीं है
तीस सेकंड में आप न्यूक्लियर डील पर विचार व्यक्त कर पायें, तो बेहतर। वरना एक मिनट से ज्यादा तो संभव नहीं होगा-यह फोन एक टेलीविजन चैनल के रिपोर्टर का था, वह न्यूक्लियर डील पर एक्सपर्ट विचार जानना चाहता था।
तीस सेकंड में गहन विचार [...]