Posted on February 29th, 2008 by alok
बजट मूलत एक कविता है। जो हर साल वित्तमंत्री पेश करते हैं।
इस कविता का अर्थ कईयों को समझ में नहीं आता, जैसे आधुनिक कविता कईयो की समझ में नहीं आती। वैसे समझ में आ ही जाये, तो क्या तीर मार लिया जायेगा। यह सवाल अपनी जगह बराबर [...]
Filed under: Uncategorized | 6 Comments »
Posted on February 28th, 2008 by alok
किस्सा नंबर एक –प्राइम टाइम का भूत
भूत गप कर रहे थे।
हवेली वाला भूत कह रहा था बेट्टा मैं बहुत टाप क्लास भूत हूं। करीब पाँच सौ सालों से हूं नाहर वाली हवेली में। कोई पर नहीं मारता मेरे डर से।
फाइव स्टार वाला भूत कह रहा था-अबे चोप्प मैं उस फाइव स्टार के स्टोर रुम का [...]
Filed under: TRP, bhoot, crime, hindi, hindi sahitya, hindi satire, indian jail, prime time, television, tv | 7 Comments »
Posted on February 27th, 2008 by alok
ठेले वाला जा रहा था-आलू ले लो, प्याज ले लो, भिंडी ले लो।
दूसरे ठेले से आवाज आ रही थी-धोनी ले लो, सौरभ ले लो, ईशांत शर्मा ले लो।
ठेलों के साइज में फर्क है [...]
Filed under: 20-20 world cup, BCCI, ODI, RAHUL DRAVID, cricket, dhoni, hindi, hindi satire, ipl, modelling | 6 Comments »
Posted on February 26th, 2008 by alok
घड़ी जैसा कि सब जानते हैं, अच्छी भी होती है औऱ बुरी भी।
शादी में दामाद को घड़ी देने का चलन बहुत पुराना है।
इस चलन का आशय यह है कि बेटा बहुत मौज मार ली। अब जो जीवन आने वाला है, वह तो घड़ी घड़ी, घड़ी देखकर ही कटेगा। बोले तो [...]
Filed under: CPM, ghadi, hindi, hindi satire, karat, neta, politician, politics, rahul gandhi, watch | 6 Comments »
Posted on February 25th, 2008 by alok
राजकोषीय घाटा
बोले तो राज्य के खजाने में घाटा।
खजाने को घाटा लगने का कतई मतलब नहीं है कि राज वालों को घाटा लग रहा है। इसलिए कि वे सिर्फ राजकोष पर निर्भर नहीं हैं। जैसे डा अमित किडनी फेम वाले से दिल्ली पुलिस ने 19 [...]
Filed under: budget, fiscal deficit, hindi, hindi satire, neta, politician, politics, rajkosh | 4 Comments »