Posted on January 31st, 2008 by alok
(कल आपने पढ़ा कि आलोक पुराणिक ने अपने लिए भारत रत्न की डिमांड की थी। इसके कुछेक आधार कल बताये गये थे। बचे -खुचे आज बताये जा रहे हैं)
उस क्लेम का आधार यूं है कि मैं चाहता तो लेखक नहीं, स्मलगर हो सकता था। और [...]
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Posted on January 30th, 2008 by alok
आलोक पुराणिक
विशेष नोट-
यह नोट मैंने आदरणीय प्रधानमंत्रीजी को गणतंत्र दिवस से पहले भेजा था। मतलब आपसे क्या छिपाना, मैंने खुद को भारत रत्न का दावेदार माना था। चूंकि इस बार भारत रत्न का फैसला नहीं हुआ, और भविष्य में मेरा क्लेम बना रहे, इसलिए मैं ये पत्र आपके सामने रख रहा हूं। ताकि सनद रहे [...]
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Posted on January 29th, 2008 by alok
यह निबंध उस छात्र का है, जिसने गणतंत्र दिवस पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त किया है।
गणतंत्र दिवस भारत में 26 जनवरी को मनाया जाता है। गणतंत्र दिवस पर विदेशों से गेस्ट बुलाये जाते हैं, उन्हे दिखाया जाता है कि देखो हमने कित्ती तोप, कित्ते तमंचे इकठ्ठे [...]
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Posted on January 28th, 2008 by alok
मिसेज गुप्ता का सेनसेक्सी थैंक यू
आलोक पुराणिक
सेनसेक्सी धड़ामीकरण के कुछ अचर्चित रिजल्ट इस प्रकार हैं-
1-मुंबई के एक शेयर बाजार एक्सपर्ट ने बताया कि आप फलां बनियान कंपनी के शेयर खऱीद लो। काहे से कि सेनसेक्स ने सब कुछ उतार लिया है, लोग सिर्फ बनियान में ही दिखेंगे। उसी की डिमांड होगी। एक्सपर्ट थोड़ा चिरकुटई की [...]
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Posted on January 27th, 2008 by alok
वैधानिक चेतावनी-यह व्यंग्य नहीं है
गणतंत्र जिसमें सेनसेक्स है, जिसमें मरते किसानों का विदर्भ है। गणतंत्र, जिसमें किसानों का सिंगूर है। गणतंत्र जिसमें महंगी कारों के किस्से हैं। गणतंत्र जिसमें ना कितने हिस्से हैं।
बहुत आसान सा वक्त था, वह पचास-साठ के दशक का, सत्तर [...]
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