Posted on November 30th, 2007 by alok
जिन्न को क्रेडिट कार्ड
आलोक पुराणिक
गौरतलब है कि 2007 तक अलादीन किसी भी आम मध्यवर्गीय तरह विवाहित हो चुका था, और किसी भी आम मध्यवर्गीय की तरफ मर्सीडीज टाइप के ख्वाब देखने लगा था, पर किसी भी मध्यवर्गीय की तरह 800 सीसी की चिरकुट गाड़ी तक [...]
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Posted on November 29th, 2007 by alok
ट्रेड फेयर के अनफेयर रिजल्ट
आलोक पुराणिक
लो जी, दिल्ली में ट्रेड फेयर खत्म हो लिया।
निम्नलिखित ललित निबंध बीए के उस छात्र की कापी से लिया गया है, जिसने निबंध के परचे में टाप किया है-
फेयर ट्रेड तो तलाशना मुश्किल है, पता नहीं ये कहां होता है, पर ट्रेड फेयर दिल्ली में हर साल होता है। ट्रेड [...]
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Posted on November 28th, 2007 by alok
बुश के फ्रेंचाइजी
आलोक पुराणिक
एक सीनियर कामरेड नेता की गुप्तडायरी इस खाकसार के हाथ लग गयी है, कुछ खास अंश पेश हैं-
11 नवंबर, 2007
हमारे एक सीनियर कामरेड लीडर ने कहा है कि नंदीग्राम अब लिबरेटेड है।
इस पर एक कामरेड विरोधी अख़बार ने लिखा है कि कामरेडी लिबर्टी का [...]
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Posted on November 27th, 2007 by alok
अब नसबंदी यूपी सरकार की
(पिछले दो दिनों से आप मामाश्री कमलकांत बुधकरजी के किस्से सुन रहे हैं। आज के इस प्रकार हैं-)
मामाश्री पत्र बहुत लिखते रहे हैं। एक दौर में देश में टाप के पत्र लेखकों में जिन लोगों का नाम शुमार किया जाता था, उनमें आदरणीय बच्चनजी, बैरागीजी और मामाश्री बुधकरजी रहे हैं।
बच्चनजी के [...]
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Posted on November 26th, 2007 by alok
आदरणीय को यह, और फादरणीय को वह
(कल आपने हरिद्वार के मामाश्री कमलकांत बुधकरजी के बारे में पढ़ा, न पढा हो, तो कल की पोस्ट पढ़ लीजिये, पेश हैं मामाश्री के कुछ और किस्से )
कभी-कभी एक इमेज उभरती है मेरे मन में कि खानवा की जंग में रात तक लड़ने-भिड़ने के बाद बाबर जब जीता होगा, [...]
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