लाइक माइंडेड, पर डोंट लाइक माइंडेड

उन्होने आह्नवान किया, दलों का, दिलों का मतभेद छोड़कर सारे लाइक माइंडेड मेरे साथ आ जायें।
सुबह लाइन लग ली। चार जेबकतरे, पांच जमीन कब्जाऊ, छह स्मगलर, सात सीरियल लव धोखेबाज, आठ ऐतिहासिक झूठे, नौ हत्यारे, दस डाकू, सारे के सारे बोले जी-हम से ज्यादा लाइक माइंडेड कौन आपके लिए।
नेताजी शरमाये और बोले-ना जी मैं [...]

लतीफा या सुंदर एंकर

चुनावी कवरेज के लिए कई कंस्टूटेंसी में घूमा। हर इलाके में एक नारा जरुर था, देश का नेता कैसा हो,………..जैसा हो।
जिन जैसा होने की बात कही जा रही थी, वह ब्लू लाइन बसों के विकट ठेकेदार थे, उनकी बसें एक हजार लोगों को ऊपर पहुंचा चुकी थीं। [...]

जूताग्रह और जूता संहिता

जूता चालन अब सिर्फ राजनीतिक ही नहीं, सामाजिक मुख्यधारा का मुद्दा हो लिया है। फिर भी इस पर यथोचित डिबेट शुरु नहीं हो पायी है। चिंदबरम्, आडवाणीजी पर चला, तो मसला राजनीतिक माना गया, पर हाल में फिल्म अभिनेता जीतेंद्र पर भी चला। मुंबई में किसी के चुनाव प्रचार में जा रहे थे [...]

उर्फ भिंडी बाजार

सर, प्रणव मुखर्जी कह रहे हैं कि लालू यादवजी को अगली सरकार में शामिल नहीं किया जायेगा, तो अगली सरकार बनने का प्रोसेस शुरु हो गया है क्या-एक छात्र ने पूछा।
देखो, इसे कहते हैं दूरदर्शिता। सो प्रणव बाबू ने अभी से सरकार बनाने का काम शुरु कर दिया है। डिक्लेयर कर दिया है कि लालूजी [...]

चाय के खोके वाला राष्ट्र

समझाने आये हैं, रेडियो पर समझाया जा रहा है, टीवी पर समझाया जा रहा है।
वो तरह तरह से कि वोट डालिये, इससे राष्ट्र का निर्माण होता है। अपने घर का निर्माण ना हो पाया हमसे, और राष्ट्र निर्माण की महती जिम्मेदारी डाल दी गयी है।
राष्ट्र निर्माण के मसले पर मेरी पत्नी [...]