तीन मिनट के बाबाजी

तीन मिनट के बाबाजी
इधर टीवी पर इतना ज्ञान बरस रहा है कि अपच सा हो लिया है।
एक बाबा आकर बताते हैं कि माला फेरत जुग गया……।
आगे की बात मुझे यूं समझ में आती है कि माला फेरत बहुत टाइम निकल लिया, अब तो टीवी पर आ जा। अंत काल पछतायेगा, जब प्राण जायेंगे छूट, टीवी [...]

मेंटल हास्पीटल में सांता क्लाज

मेंटल हास्पीटल में सांता क्लाज
सांता पर आरोप लगे कि एनजीओ बाजी के लपेटे में माल काट रहे हैं। वरना काहे को यूं घूम घूम कर गिफ्ट बांटे कोई।
सांता घबरा गये और बोले-ये एनजीओ क्या होता है। ये ग्रांट कहां से मिलती हैं। मैं तो यूं ही गिफ्ट बांटता फिरता हूं।
एक्जिट [...]

सांता क्लाज का एनजीओ

सांता क्लाज का एनजीओ
आलोक पुराणिक
क्रिसमस न्यूईयर से निपट कर सांता झोला दाबे चला जा रहे थे दिल्ली में कुछ विद्वान मिल गये।
विद्वान कुछ कैलकुलेशन से बांच रहे थे-गुजरात में 67 परसेंट मोदीजी को 65 परसेंट कांग्रेस को। 54 स्विंग उधर, 76 स्विंग इधर मोदीजी को [...]

काहे को हैप्पी हों

काहे को हैप्पी हों
आलोक पुराणिक
क्यों हैप्पी हो जायें, सिर्फ इसलिए कि न्यू ईयर आ गया।
इधऱ मैंने पता किया कि क्या न्यू ईयर में आलू सस्ते हो जायेंगे या प्याज के भाव सेनसेक्स के मुकाबले कम उछलेंगे।
आलू -प्याज वाले ने मुस्कुराकर मना कर दिया।
भई तू आलू प्याज वाला [...]

वेलकम दस नंबरी साल

वेलकम दस नंबरी साल
आलोक पुराणिक
2008 आ ही सा गया।
एक न्यूमरोलोजिस्ट से भविष्य बंचवाया, तो उसने बताया कि 2008 को जोड़ो, तो फिगर बनता है दस। यानी दस नंबरी साल है। इसमें दस नंबरी बंदों की मौज आयेगी। दस नंबरी कानून के हिसाब से वो होते हैं, जिनकी पुलिस थाने कचहरी में आवाजाही लगी रहती [...]