प्लीज नो आइटम, ओम शांति ओम
प्लीज नो आइटम, ओम शांति ओम
आलोक पुराणिक
कईसे कईसे नाम हैं, और कईसे कईसे फोटू हैं।
फिल्म का नाम है ओम शांति ओम और पोस्टर में शाहरुख खान शर्ट उतारकर वह दिखा रहे हैं, जो उनके पास नहीं है, बोले तो बाडी।

ये बाडी देखकर तो स्वदेशी वाले ये प्रचार शुरु कर सकते हैं, देखो वो वाला फारेन कोल्ड ड्रिंक पीने से बाडी ऐसी हो जाती है, दारा सिंह टाइप धांसू-धमाल बाडी तो दूध या लस्सी पीने से आती है।
या ये बाडी दिखाकर सिगरेटों के खिलाफ अभियान चलाने वाले लोग नौजवानों को डरा भी सकते हैं कि देखो सिगरेट पीने का क्या हश्र है, बाडी ऐसी हो जाती है।
या कुछ नहीं तो प्रतिस्पर्धी कोल्ड –ड्रिंक वाले ही प्रचार कर सकते हैं कि देखो उनका वाला पी रहे हैं, तो ये हाल हो लिया है। हमारे वाले में जान है।
भौत डेंजरस सा फोटू है, देखकर कई सवाल से उठने लगते हैं।
ओम शांति ओम की सिचुएशन में बंदा यह हो जाता है, तो यह माना जाना चाहिए इस दिशा में राखी सावंत और मल्लिका सहरावत भी काफी प्रोग्रेस कर चुकी हैं।
ये शाहरुख खान को कंपटीशन आमिर खान से करना चाहिए, अमिताभ बच्चन से करना चाहिए, वह मल्लिका सहरावत के कंपटीशन में क्यों उतर रहे हैं-एक नौजवान पूछ रहा है।
सवाल में दम है।
पर यह हर बंदे की चाइस है कि वह किससे कंपटीशन करे।
अमिताभ बच्चनजी भी एक ब्यूटी क्रीम का इश्तिहार करते हैं। कौन रोक सकता है। ब्यूटी पर अमिताभ बच्चनजी का हक भी बनता है।
अर्ध कपड़े उतारू पोज पर सिर्फ अभिनेत्रियों का हक थोड़े ही है, शाहरुख खान ने बता दिया है, वह इस काम को पूर्णता दे सकते हैं।
पर टेंशन मुझे आगे की सोच कर हो रही है।
अर्ध कपड़े उतारु पोज की गली आइटम गर्ल के डांस के रास्ते पर जाती है। मल्लिका,राखी इस रास्ते की पुरानी राहगीर हैं।
क्या शाहरुखजी आइटम ब्वाय टाइप कुछ मामला दिखायेंगे। हो सकता है, कुछ भी हो सकता है-
-एक नौजवान पूछ रहा है कि आइटम ब्वाय को क्या करना होगा, क्या वही जो आइटम गर्ल को करना होता है।
अब समझने की बात यह है कि आइटम बाय और गर्ल कुछ करने के काबिल माने जायें, तो एक्टिंग करें, आइटमबाजी क्यों करें।
पर शाहरुखजी आपने बहुत किया है, आप बहुत कुछ कर सकते हैं। ये मल्लिकाजी से कंपटीशन में क्यों आ रहे हैं।
ओम शांति ओम।
आलोक पुराणिक
मोबाइल-09810018799
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सीन उलट होने जा रहा है। शाहरुख जी फलाना शीतल पेय पी कर वह कर रहे हैं जो आप बता रहे हैं। हीरोइन जी वह करती हैं जो मीका जी ने किया। बवाल उल्टा मच रहा है - शाहरुख जी छैला रहे हैं कि हीरोइन जी ने यहां पर क्यों चूमा वहां पर चूमती तो श्लील होता?
बस कंट्रोवर्सी और पैसा! और अगड़म जी को नयी पोस्ट लिखने का मसाला!
अपन भी समझ रहे हैं नये खेल का अन्दाज।
ओम शांति ओम.
आइटम बॉय का सिक्स पैक एब तो बड़ा डिमाण्ड मे है जी. चालीस पार वालोम के लिये उम्मीद की किरण जागी है. शेखर सुमन लग लिये और यहाँ तक की अनिल अंबानी लग लिये. कहो अमर सिंग न लग जायें. इच्छा तो हमारी भी है.
आप काहे परेशान है?? आप भी लग लो. ६ महिने बाद अपनी कमीज उतार कर फोटू लगाऊँगा ब्लॉग पर. हा हा!! इन्तजर करो..एक पैक तो सालिड तैयार है बस पाँच बचे हैं.
ओम शांति ओम, बुढ़ापे में शाहरुख को ये क्या सुझ रहा है।
जिस तरह शाहरुख अपना मिजाज 40 के बाद बदल रहे हैं वैसे ही ज्ञान जी 50 के बाद बदल रहे हैं, देखिये सिनेमा के ‘स’ से अनभिज्ञ होने पर ‘मीका’ तक की खबर रख रहे हैं. जिस दिन सिनेमा का ‘स’ आ जायेगा उस दिन क्या होगा.
हम डर रहे हैं कहीं एक दैनिक ब्लॉगर कम होकर छ्ह माह में फिल्म में दर्शन ना दे दे.
पोस्ट में जान है।
हम तो यही कह सकते हैं….
ओम शांति ओम
वैसे मुंबई में एक कहावत है…
बृंदावन में रहना है
तो राधे गोविंद कहना है।
यहाँ बाजार में रहने के लिए कुछ भी करना पड़ता है
इसे सफाई न समझें…..
सरजी, जब इतना सब कुछ हो ही गया कि लौंडे लोग वो खोलकर दिखा रहें हैं जो उनमें नहीं हैं और नहीं होने की गम से ही लौंडे रह गए तो अब समय आ गया है कि अपने राजेन्द्र यादव जी से पूछा जाए कि औरत की निगाह में आदमी पर उनकी क्या राय है, देखिए क्या बोलते हैं।
आपकी पोस्ट पर कुछ कहने से ज्यादा काकेश जी की टिप्पणी ही सटीक लग रही है
Good post ….Badhai
Sir ji body itni buri bhi nahin hain