दिल्ली से निकलकर अपहरण


दिल्ली से निकलने वाली एक गाड़ी को मेरठ के पास रोक लिया गया। दिल्ली से निकलने वाली अमृतसर स्वर्णजयंती गाड़ी को पंजाब में किसानों ने रोक लिया। भुवनेश्वर से चली राजधानी एक्सप्रेस का नक्सलियों ने अपहरण कर लिया। रेल यात्रा का मामला भी रिस्क में कुछ कुछ हवाई यात्रा जैसा होता जा रहा है। एक जमाना था, जब डर लगता था कि दिल्ली से मुंबई के लिए उड़े, पर कहीं लाहौर ना पहुंच जाये। वैसा ही डर रेल के मामले में लगता है कि दिल्ली से चेन्नई के लिए चले और पता लगा कि थैंक्स टू नक्सली, झारखंड ना पहुंच जायें। आजकल दिल्ली से जो बाहर जाने का प्लान कर रहे हैं, उनके लिए इस खाकसार के कुछ सुझाव इस प्रकार हैं-

1- कहीं के लिए निकलें, पर झारखंड पहुंचने की तैयारी रखिये। इस इलाके में नक्सली बहुत है और अपहरण वगैरह करने की सामर्थ्य़ रखते हैं। दिल्ली से मुंबई भी जा रहे हों, तो पहले झारखंड के बारे में अध्ययन कर लें। झारखंड के जंगलों का खास तौर पर अध्ययन कर लें, क्या पता वहां कितने दिनों तक रुकना पड़ जाये।

2- दिल्ली से राजस्थान के रुट पर जा रहे हों, तो ताश और कुछ पढ़ने की किताबें रख लें, इस रुट पर अपहरण बहुत ही बोरिंग साबित होगा। आगे पीछे कई मील तक सिर्फ और सिर्फ रेत ही है।

3- दुआ करें कि आपका अपहरण केरल में हो, केरल की किसी ट्रेन में। केरल बहुत सुंदर राज्य है। खास तौर पर अगर आप अपहरणकर्ता से निवेदन करने की स्थिति में हों, तो यह निवेदन जरुर कीजिये कि अपहरण करने के बाद पानी वाले रास्तों पर जरुर ले जायें। केरल वाले मेहमानवाजी बहुत करते हैं। बस छोटी सी दिक्कत यह है कि वहां नक्सलवादी नहीं है। इसलिए वहां गैर नक्सली अपहरणकर्ताओं से ही चिरौरी करनी पड़ेगी।

4- भगवान ना करे कि आपका कभी भी मुंबई की लोकल ट्रेन में अपहरण हो। मुंबई की लोकल ट्रेन में अपहरित होकर एक घंटा भी अगर लोकल ट्रेन में ज्यादा रहना पड़ जाये, तो विकट दुर्गति हो लेती है। अपहरण हमेशा लांग रुट की गाड़ी में होना चाहिए, ताकि बैठने, लेटने की जगह कायदे से मिल जाये। फिर मुंबई में अपहरण की दिक्कत यह है कि वहां जगह ट्रेन में है, और ना ट्रेन से बाहर। झारखंड में कम से कम ट्रेन से बाहर निकल कर जंगल में आराम से सो सकता है बंदा।

आइये, प्रार्थना करें कि किसी लांग रुट की गाड़ी में ही अपहरण हो।

6 Responses to “दिल्ली से निकलकर अपहरण”

  1. thanx alokji musibaten to jab aana ho aati hi hai,unse bachane aur unhe hansi khushi jhelane ke liye ye jankari kaafi umda hai.

  2. bahut upyogi salah. thanks alokji

  3. हाय, फर्स्ट एसी में यात्रा हो। बाजू की सीट पर गौरांगी हो, और अपहरण हो जाये! :-)

  4. केरल वाला ही ठीक रहेगा. :)

  5. ऐसा अपहरण तो किसी धाँसू एडवेन्चर जैसा हो जाएगा जैसा ज्ञान जी कल्पना कर रहे हैं।
    ऐसा कुछ फिल्मों में देखा है। जैसे ‘जब वी मेट’ में था।

  6. खेर ये सब जानने के बाद कोई भी अपहरण करवाने के लिए कमर कस लेगा.

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